पत्रकारों और पत्रकारिता को बंदिशों में रखने का प्रयास

पत्रकारों और पत्रकारिता को बंदिशों में रखने का प्रयास

भारत के संविधान में अनुच्छेद 19(1)(ए) में प्रत्येक नागरिक को वाक् एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार प्रदान किया गया है। इसके अर्थ में जानने का अधिकारए विचारों की स्वतंत्रता और प्रेस की स्वतंत्रता का अधिकार अंतरनिहित हैं। जिसका वर्तमान समय मे खुलकर उल्लंघन किया जा...
पत्रकारों और पत्रकारिता को बंदिशों में रखने का प्रयास

पत्रकारिता की नैतिकता के अंतर्गत विविध सिद्धांत

पत्रकारिता की कानूनी स्थिति भारत सरकार नें प्रेस संगठनों और पत्रकारों के लिए अनेक नीतियों को निर्धारित किया है. जिसके सन्दर्भ में वे अपने कार्यों के एक तरफ जारी रखते हैं और उनपर अनुसन्धान भी करते हैं. साथ ही संस्थाओं के द्वारा क्या प्रकाशित किया जाता है इसका परिक्षण...
पत्रकारिता आचरण के मानदंड

पत्रकारिता आचरण के मानदंड

पत्रकारिता आचरण के मानदंड वर्तमान स्थिति: अज्ञात   सिद्धांत और नैतिकतापत्रकारिता का मूल उद्देश्य जनहित के मामलों पर निष्पक्ष, सटीक, निष्पक्ष, शांत और सभ्य तरीके से समाचार, विचारों, टिप्पणियों और सूचनाओं के साथ लोगों की सेवा करना है। इस दिशा में, प्रेस से अपेक्षा...
पत्रकारिता लोक तंत्र का चौथा स्तम्भ है तो हिंदी उसकी आत्मा है

पत्रकारिता लोक तंत्र का चौथा स्तम्भ है तो हिंदी उसकी आत्मा है

छतरपुर। पत्रकारिता लोक तंत्र का चौथा स्तम्भ है तो हिंदी उसकी आत्मा है। हिंदी के बिना भारतीय पत्रकारिता महत्वहीन है। हिंदी भाषा ओर पत्रकारिता के मध्य अटूट सम्बन्ध से इनकार नहीं किया जा सकता है। पत्रकार सुरक्षा एवं कल्याण के क्षेत्र में संघर्षरत अखिल भारतीय संगठन “प्रेस...
पत्रकारिता को स्तरहीन बनाने वाले,जो भी कानून तोड़े सज़ा का उत्तरदायी है

पत्रकारिता को स्तरहीन बनाने वाले,जो भी कानून तोड़े सज़ा का उत्तरदायी है

भोपाल। रिपब्लिक टीवी सम्पादक सहित अन्य पत्रकारों के विरुद्ध महाराष्ट्र में मुम्बई पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के बाद देश भर में पत्रकार संगठनों एवं उनके पदाधिकारियों की प्रतिक्रियाएं इन दिनों आ रही हैं।यहाँ तक कि केंद्र सरकार भी इसको आपातकाल कहता थक नही रहा।केंद्र...